Server Down (MMMSY): कोडरमा सहित पुरे झारखण्ड में 4 दिनों में मात्र 1 लाख 14 हजार के करीब आवेदन प्राप्त

झारखंड मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना (MMMSY) के सर्वर डाउन होने से कोडरमा सहित पूरे राज्य में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पिछले चार दिनों में केवल 1.14 लाख आवेदन ही प्राप्त हो सके, जो सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम है।

सर्वर डाउन के कारण

MMMSY के तहत आवेदन प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से संचालित किया जाता है जिससे सर्वर डाउन होने के समस्या उत्त्पन्न हो रही है, आवेदनकर्ताओं को अपने आवेदन जमा करने में कठिनाई हो रही है। तकनीकी समस्याओं के कारण सर्वर डाउन हुआ है और इसे ठीक करने का प्रयास जारी है।

प्रभावित जिलों की स्थिति

झारखंड के विभिन्न जिलों में आवेदन संख्या निम्नलिखित है: जबकि कोडरमा 20वाँ नंबर की कतार में हैं |

Sl. No.DistrictNo. of Applications
1GIRIDIH9059
2DHANBAD7953
3BOKARO7815
4GODDA7258
5EAST SINGHBHUM6900
6RANCHI6580
7GARHWA6511
8PALAMU6369
9DEOGHAR6292
10DUMKA5458
11LATEHAR4889
12HAZARIBAGH4621
13CHATRA4428
14WEST SINGHBHUM4261
15SAHEBGANJ3902
16PAKUR3823
17RAMGARH2776
18GUMLA2597
19JAMTARA2596
20KODERMA2512
21SERAIKELA KHARSAWAN2375
22LOHARDAGA2046
23KHUNTI2000
24SIMDEGA1518
Total114539

अधिकारियों का बयान

MMMSY के एक अधिकारी ने कहा, “हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि जल्द से जल्द सर्वर की समस्या को ठीक किया जाए। हमारे तकनीकी विशेषज्ञ समस्या का समाधान करने में लगे हुए हैं। हम आवेदकों से अनुरोध करते हैं कि वे धैर्य बनाए रखें और जैसे ही सर्वर ठीक होता है, अपने आवेदन पुनः जमा करें।”

आर्थिक प्रभाव

सर्वर डाउन होने के कारण न केवल आवेदन प्रक्रिया बाधित हुई है, बल्कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाएं भी प्रभावित हुई हैं। इस योजना के तहत लाखों लोग रोजगार प्राप्त करते हैं, और आवेदन प्रक्रिया में देरी होने से उनकी आजीविका पर भी असर पड़ सकता है।

समाधान की दिशा में कदम

राज्य सरकार और संबंधित विभाग समस्या का समाधान करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। अधिकारियों ने यह भी बताया कि जल्द ही एक वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी ताकि आवेदनकर्ता अपने आवेदन ऑफलाइन या अन्य माध्यमों से जमा कर सकें।

झारखंड में MMMSY के सर्वर डाउन होने की घटना ने राज्य में डिजिटल आधारभूत संरचना की कमजोरियों को उजागर किया है। सरकार और संबंधित विभागों को इस समस्या से निपटने के लिए त्वरित और प्रभावी कदम उठाने होंगे ताकि भविष्य में ऐसी समस्याएं न हो और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाएं बाधित न हों।