Markachho Child Marriage Case: बालिका वधु बनने से बची किशोरी, पुलिस प्रशासन ने रुकवाई शादी

Markachho Child Marriage Case :राष्ट्रीय झारखंड सेवा संस्थान और प्रखंड प्रशासन की संयुक्त पहल से चोपनाडीह पंचायत के जलाकांडी में 15 वर्ष से किशोरी बालिका वधू बनने से बच गई | मामला बुधवार का है बाल मंच व बाल संरक्षण समिति के पहल पर शादी रुकवाई गई। मालूम हो कि बाल मंच की बैठक के दौरान बच्चों के द्वारा 15 वर्षीय नाबालिग की शादी की सूचना आरजेएस कार्यकर्ता सुनीता देवी को मिली।

सुनीता देवी ने सबसे पहले गांव में जाकर स्कूल व समुदाय के लोगों से बात की और लड़की के घर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। सही पाए जाने पर बीडीओ हुलास महतो और थाना प्रभारी सौरभ शर्मा से संपर्क किया गया। बीडीओ मरकच्चो पुलिस उक्त जगह पहुंचकर परिवार के सदस्यों की काउंसलिंग की। काउंसलिंग के दौरान परिवार ने शादी की तारीख 16 जुलाई तय की गई थी इस बात को स्वीकार किया।

इस दौरान बीडीओ हुलास महतो ने बाल विवाह के दुष्परिणाम और इसके कानून के बारे में बताया गया। समझाने के बाद परिवार ने बाल विवाह को रोकने का निर्णय लिया। बीडीओ ने बच्ची का नामांकन कस्तूरबा गांधी बालिका स्कूल में करवाने को लेकर आश्वासन दिया। इस दौरान सावित्रीबाई फूले योजना नहीं मिलने की बात परिजनों ने की। इसके बाद बीडीओ ने जल्द इस योजना से जुडऩे का निर्देश दिया। बीडीओ हुलास माथुर ने जीत और बच्ची को 10वीं के बाद पढ़ाई में सहयोग की बात कही। उन्होंने कहा कि बच्ची को 10वीं के बाद किसी भी तरह का सहयोग की जरूरत होगी। मैं निजी तौर पर करूंगा और उच्च शिक्षा तक पढ़ाई पूरी कराऊंगा। थानाप्रभारी ने बच्ची को बताया कि कोई भी परेशानी होने पर तुरंत उनसे संपर्क करें।