कोडरमा से रजौली तक फोरलेन सड़क को मिली नई दिशा, जल्द शुरू होगी प्रक्रिया

कोडरमा से बिहार सीमा तक राष्ट्रीय राजमार्ग-20 (बरही–रजौली) के फोरलेन निर्माण के लिए तय किया गया नया मार्ग अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। पहले जो सड़क जेजे कॉलेज से कोडरमा घाटी होते हुए मेघातरी तक प्रस्तावित थी, उसे उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद निरस्त कर दिया गया था।

इसके बाद नया रूट तैयार किया गया है, जो झुमरीतिलैया के गुमो क्षेत्र में पार्वती क्लिनिक के समीप से शुरू होकर विसनपुर रोड, कौवावर-गझंडी और चनाको होते हुए रजौली तक जाएगा। नए प्रस्ताव के अनुसार झारखंड में सड़क की कुल लंबाई 15.5 किलोमीटर होगी, जिसमें से 10.3 किलोमीटर हिस्सा वन क्षेत्र से होकर गुजरेगा। वहीं बिहार क्षेत्र में इस सड़क की लंबाई 11.3 किलोमीटर निर्धारित की गई है।

शनिवार को एनएचएआई के अधिकारियों ने उपायुक्त, डीएफओ, डीएलओ समेत अन्य संबंधित पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस नए रोड मैप को प्रस्तुत किया। हालांकि, विभागीय स्वीकृति मिलने के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

भूमि अधिग्रहण और मकानों पर प्रभाव

नए मार्ग के निर्माण के लिए भूमि और मकानों का अधिग्रहण किया जाएगा। अनुमान के अनुसार गुमो मौजा में 20 से 25, नवादा में 4 से 5, विसनपुर में 5 से 6, रतनसोत में 3 से 4, कौवावर में 5 से 6 तथा चनाको में 5 से 6 मकानों को अधिग्रहित किया जा सकता है। इस प्रकार कुल मिलाकर लगभग पांच दर्जन घर इस परियोजना से प्रभावित होंगे।

आरओबी और टनल का प्रस्ताव

इस सड़क परियोजना में दो रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) और तीन टनल बनाने का भी प्रस्ताव तैयार किया गया है। पार्वती क्लिनिक के पास 11.7 किलोमीटर और 12.3 किलोमीटर के स्थान पर आरओबी का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा बिहार क्षेत्र में तीन टनल बनाने की योजना है।

संयुक्त टीम करेगी निरीक्षण

एनएचएआई के निर्देश पर जिला स्तरीय पदाधिकारियों की एक संयुक्त टीम नए रूट का भौतिक सत्यापन करेगी। इस टीम में वन विभाग, डीएलओ, संबंधित अंचल अधिकारी और अमीन शामिल रहेंगे। टीम रैयती भूमि, जीएम भूमि, वन भूमि और अन्य संबंधित समस्याओं का आकलन कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

वन्य प्राणी आश्रयणी क्षेत्र रहेगा सुरक्षित

पूर्व में प्रस्तावित सड़क निर्माण से कोडरमा घाटी से मेघातरी तक वन्य प्राणी आश्रयणी क्षेत्र प्रभावित हो रहा था। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद तैयार किए गए नए रूट से वन्य प्राणी क्षेत्र को सुरक्षित रखा गया है।

इन क्षेत्रों में ली जाएगी भूमि

  1. गुमो मौजा: 100 मीटर
  2. नवादा मौजा: 1.1 किलोमीटर
  3. विसनपुर मौजा: 1.2 किलोमीटर
  4. रतनसोत: 1.1 किलोमीटर
  5. कौवावर: 600 मीटर
  6. चनाको: 300 मीटर

झारखंड में कुल लंबाई: 15.5 किलोमीटर
रैयती एवं जीएम भूमि: 5.2 किलोमीटर
वन क्षेत्र: 10.3 किलोमीटर
बिहार में कुल लंबाई: 11.3 किलोमीटर